दिल्ली समेत अन्य राज्यों से पठानकोट के रास्ते जम्मू-कश्मीर जाने वाले लोगों का जमावड़ा माधोपुर में लग गया है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा पूर्ण लॉकडाउन के चलते आवाजाही पूरी तरह रोक दी है। इसका सबसे अधिक असर दूसरे राज्यों से जम्मू-कश्मीर लौट रहे लोगों पर पड़ा है। लोग कई दिन से माधोपुर में सड़क पर रहने पर मजबूर हैं और सरकार को कोस रहे हैं।
पंजाब पुलिस और समाजसेवी संस्थाएं लोगों को भोजन मुहैया करवा रही हैं। मंगलवार को फंसे लोगों ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन के खिलाफ रोष जताया और पंजाब पुलिस जिंदाबाद के नारे भी लगाए। लोगों ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन अपने ही राज्य के लोगों की अनदेखी कर रहा है।
पुंछ के बशीर मोहम्मद समेत कई बुजुर्ग पठानकोट पुलिस अधिकारियों से मिले। उन्होंने कहा कि वह भूख बर्दाश्त कर सकते हैं। अपने गांव तक पैदल जा सकते हैं पर गर्मी बर्दाश्त नहीं हो रही। बशीर ने कहा कि 12 घंटे और यहां रहना पड़ा तो मर जाएंगे।
पंजाब पुलिस और समाजसेवी संस्थाएं लोगों को भोजन मुहैया करवा रही हैं। मंगलवार को फंसे लोगों ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन के खिलाफ रोष जताया और पंजाब पुलिस जिंदाबाद के नारे भी लगाए। लोगों ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन अपने ही राज्य के लोगों की अनदेखी कर रहा है।
पुंछ के बशीर मोहम्मद समेत कई बुजुर्ग पठानकोट पुलिस अधिकारियों से मिले। उन्होंने कहा कि वह भूख बर्दाश्त कर सकते हैं। अपने गांव तक पैदल जा सकते हैं पर गर्मी बर्दाश्त नहीं हो रही। बशीर ने कहा कि 12 घंटे और यहां रहना पड़ा तो मर जाएंगे।
पंजाब-जम्मू कश्मीर बॉर्डर माधोपुर इंटर स्टेट नाके पर सैकड़ों लोग इकट्ठा होने पर प्रशासन ने उन्हें वापस जाने के लिए कहा तो वे भड़क गए। कहा कि वे आठ दिन में दिल्ली से पठानकोट तक आए हैं, अब कहां जाएंगे।
हालांकि प्रशासन ने प्रवासियों के ठहरने के लिए 2 पैलेसों को शेल्टर होम का रूप दिया है। डीसी गुरप्रीत खेहरा का कहना है कि फिलहाल 500 के करीब लोग वहां पहुंच चुके हैं। उनकी मेडिकल जांच, खानपान समेत अन्य जरूरतों के लिए अधिकारियों की टीमें गठित की गई हैं।
हालांकि प्रशासन ने प्रवासियों के ठहरने के लिए 2 पैलेसों को शेल्टर होम का रूप दिया है। डीसी गुरप्रीत खेहरा का कहना है कि फिलहाल 500 के करीब लोग वहां पहुंच चुके हैं। उनकी मेडिकल जांच, खानपान समेत अन्य जरूरतों के लिए अधिकारियों की टीमें गठित की गई हैं।