प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 21 दिन का लॉकडाउन किया हुआ है। लेकिन नेता लोग ही इसका पालन करते नहीं दिख रहे हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद का है। नगीना में बुधवार को सपा विधायक मनोज पारस नियमों को ताक पर रखकर जनता के बीच आटे के पैकेट बांटने चले गए। इस दौरान वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गई। भीड़ में आटा लेने वालों में खींचतान भी हुई।
इसके बाद पुलिस ने मौके पर जाकर स्थिति संभाली। इस मामले में विधायक मनोज पारस व उनके साथियों के खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज कर रही है।
सपा विधायक मनोज पारस बुधवार को गोयल पब्लिक स्कूल के सामने एक दुकान पर लोगों को पांच- पांच किलो आटे के पैकेट बांटने पहुंच गए। विधायक द्वारा आटे के पैकेट दिए जाने की खबर लोगों में फैल गई। मौके पर महिलाओं सहित सैकड़ों लोग जमा हो गए। उनमें आटे के पैकेट लेने की होड़ मच गई। विधायक एक गाड़ी में रखे पैकेट को बांट रहे थे। भीड़ पैकेट लेने के लिए एक- दूसरे से धक्का मुक्की और खींचतान करने लगी। मौके पर लोगों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का भी कोई इंतजाम नहीं किया गया था। सभी एक- दूसरे से चिपके खड़े थे। भीड़ को देखकर आटे के पैकेट बांटे जाने बंद हो गए। इसके बाद भी भीड़ बहुत देर तक दुकान के बाहर जमा रही। मामले का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने किसी तरह भीड़ को समझा बुझाकर घर भेजा।
सीओ अर्चना सिंह का कहना है कि विधायक मनोज पारस ने भीड़ एकत्र कर लॉकडाउन के दौरान नियमों का उल्लंघन किया है। थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश तिवारी का कहना है कि इस मामले में विधायक सहित वहां मौजूद लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
विधायक मनोज पारस का कहना है कि उन्होंने हर मोहल्ले से 15-15 लोगों को आटा देने की योजना बनाई थी। किसी ने भीड़ को गुमराह कर दिया और न जाने कहां से भारी भीड़ आ गई। आयोजन की परमिशन नहीं ली थी, लेकिन अफसरों को बता दिया था। हम अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे, पब्लिक की भी जिम्मेदारी थी, कि उनका सहयोग करे।